वृन्दाविपिन प्रणाम करि
Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास
Verse 258 of 268
मंडित जमुना वारि यौं, राजति परम रसाल।
अति सुदेस सोभित मनौं, नील मनिन की माल॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (19)
मंद मंद यमुना का सौंदर्य, चांदी का परम सार। अति सुदेस शोभित मनौं, नील मनिन की माल.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, वृन्दावन शत लीला (19)