वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 259 of 268

तिय सुत नाती नातिनी, तिनहीं तन चित दीय। (श्री) राधावल्लभ लाल जू, नेकु न आने हीय॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, मन शिक्षा (62) तिय सुत नाति नातिनि, तिनिह तन चित दिया। (श्री) राधावल्लभ लाल जू, नेकु न अने हिय.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, मन शिक्षा (62)
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