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Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 36 of 268

जो कोउ साँची प्रीति सौं, 'हरि-हरि' कहत लड़ाइ। तिनकौं 'ध्रुव' कहा दैहिंगे, यह जानी नहिं जाइ॥ - श्री हित ध्रुवदास, बयालीस लीला, जीव दशा (18) साँची प्रीति सौन से जो भी लड़ता है, वह 'हरि-हरि' कहता है। तीनों ध्रुव कहेंगे, पर जय जानू नहीं.. - श्री हित ध्रुवदास, बयालिस लीला, जीव दशा (18)
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