वृन्दाविपिन प्रणाम करि
Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास
Verse 44 of 268
भक्तनि निंदा अति बुरी, भूलि करौ जिन कोइ।
किये सुकृत सब जनम के, छिन में डारत खोइ॥
- श्री ध्रुवदास जी, बयालीस लीला, मन शिक्षा लीला (21)
भक्त की आलोचना बहुत बुरी है, चाहे गलती किसी की भी हो। जनम जनम धन्य भय छिन छिन.. - श्री ध्रुवदास जी, बयालीस लीला, मन शिक्षा लीला (21)