वृन्दाविपिन प्रणाम करि
Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास
Verse 48 of 268
छिन छिन बन की छवि नई, नवल युगल के हेत।
समुझि बात सब जीय की, सखि वृन्दा सुख देत॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (22)
नये जोड़े की खातिर छीना झपटी वाली छवि नहीं रहनी चाहिए. समझो पर सब जीवन की सखी, वृंदा सुख देती है.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, वृन्दावन शत लीला (22)