वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 49 of 268

गावत वृंदा विपिन गुन, नवल लाड़िली लाल। सुखद लता फल फूल द्रुम, अद्भुत परम रसाल॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (23) गावत वृंदा विपीन गुन, नवल लाडिली लाल। सुहावना लता फल, सम्पूर्ण डमरू, अद्भुत परम रसाल.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, वृन्दावन शत लीला (23)
वृन्दाविपिन प्रणाम करिवृन्दाविपिन प्रणाम करि