वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 50 of 268

सुनि लै मेरी बात, जुगल चरन चित लाइयै। जौ चूक्यौ यह घात, फिरि पाछें पछिताइहै॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, ख्याल हुल्लास (23) मेरी बात सुनो, मेरे पैरों का ख्याल रखना. यदि आपने यह घाट पूरा कर लिया है तो यह पश्चिम है.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, ख्याल हुल्लास (23)
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