वृन्दाविपिन प्रणाम करि
Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास
Verse 5 of 268
वृन्दावन सत करन कौं, कीन्हौं मन उत्साह।
नवल राधिका कृपा बिनु, कैसैं होत निबाह॥
- श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (03)
वृन्दावन: कौन है सच्चा कारण, कौन है मन और उत्साह। नवल राधिका कृपा बिनु, कैसैन होत निबाह.. - श्री ध्रुवदास, बयालिस लीला, वृन्दावन शत लीला (03)