वृन्दाविपिन प्रणाम करि

Bayalis Leela — श्री ध्रुवदास

Verse 95 of 268

सबै सखी सब सौंज लै, रंगी जुगल ध्रुव रंग। समै-समै की जानि रुचि, लियै रहति हैं संग॥ - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (39) सब सखी सब सौंज लै, रंगी जुगल ध्रुव रंज। जो लीन है उसका कल्याण जानो, उसके साथ रहो.. - श्री ध्रुवदास, बयालीस लीला, वृन्दावन शत लीला (39)
प्रीतम के प्रान प्यारीवृन्दाविपिन प्रणाम करि