ग्राम-सिंह भूंस्यौ बिपिन

Bhagwat Rasik Vani — श्री भगवत रसिक

Verse 133 of 135

वेदनि खोबै बैद सो, गुरु गोबिंद मिलाप। भूख भजै भोजन सोई, भगवत और खिलाप॥ - श्री भगवत रसिक, भगवत रसिक की वाणी, अनन्य निश्चयात्मक ग्रंथ [पूर्वार्ध] (20) दुख मिटे तो गुरु गोबिंद मिलें। भुख भजै भोजन सोई, भागवत और खिलाप.. - श्री भागवत रसिक, भागवत रसिक की वाणी, अन्य निश्चयात्मक ग्रंथ [पूर्वार्द्ध] (20)
चस्मा नित्य बिहार कौ, दियौ बिहारिनि मोहिचस्मा नित्य बिहार कौ, दियौ बिहारिनि मोहि