चस्मा नित्य बिहार कौ, दियौ बिहारिनि मोहि
Bhagwat Rasik Vani — श्री भगवत रसिक
Verse 98 of 135
हम गावें सोई करें, सहज लाड़िली लाल।
करै लाडिली लाल सो, हम गायें तत्काल॥
- श्री भगवत रसिक, भगवत रसिक की वाणी, निर्विरोध मनरंजन (3)
हम गरीब सोने वाले हैं, लाल एक प्राकृतिक योद्धा है। आइए तुरंत गाएं.. - श्री भागवत रसिक, भागवत रसिक की आवाज, निर्विरोध मनोरंजन (3)