जय जय भानुकुंवरि जय राधा अशरण शरण

Bihar Chndrika — श्री किशोरी अलि

Verse 4 of 5

जय जय भानुकुंवरि जय राधा अशरण शरण। अपनौ विरद विचारि प्यारी पालहु दीन जन॥ - श्री किशोरी अलि, सार चंद्रिका (1) जय जय भानुकुँवरि, जय राधा शरणम शरणम। आपनु विरद विचारी प्यारी पलाहु दीन जन.. - श्री किशोरी अली, सर चंद्रिका (1)
जय जय भानुकुंवरि जय राधा अशरण शरणजय जय भानुकुंवरि जय राधा अशरण शरण