किती न गोकुल कुल-बधू

Bihari Satsai — श्री बिहारी लाल

Verse 14 of 20

राधा हरि हरि राधिका, बनि आए संकेत। दम्पति रति-बिपरीत-सुखु, सहज सुरत हूँ लेत॥ - श्रीमहाकवी बिहारी लाल, बिहारी सतसई (343) राधा हरि हरि राधिका, बानी आये संकेत। युगल रति-विपरिता-सुक्खु, सहज सुरत हुन लेट.. - श्री महाकवि बिहारी लाल, बिहारी सतसई (343)
किती न गोकुल कुल-बधूकिती न गोकुल कुल-बधू