किती न गोकुल कुल-बधू
Bihari Satsai — श्री बिहारी लाल
Verse 18 of 20
तौ बलियै भलियै बनी, नागर नन्दकिसोर।
जौ तुम नीकैं कै लख्यौ, मो करनी की ओर॥
- श्रीमहाकवी बिहारी लाल, बिहारी सतसई (708)
तुम बनो बलियाइ बलियाइ बानी, नगर नंदकिशोर। किस दिशा में लिखते हो, मो कर्णी की दिशा में.. - श्री महाकवि बिहारी लाल, बिहारी सतसई (708)