किती न गोकुल कुल-बधू

Bihari Satsai — श्री बिहारी लाल

Verse 6 of 20

कब कौ टेरतु दीन ह्वै, होत न स्याम सहाइ। तमहूँ लागी जगतगुरु, जगनाइक जग-बाइ॥ - श्रीमहाकवी बिहारी लाल, बिहारी सतसई (696) जब तुम्हारा दिन आता है, तो शाम हो जाती है। तमहूं लागी जगतगुरु, जगनायक जग-बै.. - श्री महाकवि बिहारी लाल, बिहारी सतसई (696)
किती न गोकुल कुल-बधूकिती न गोकुल कुल-बधू