किती न गोकुल कुल-बधू
Bihari Satsai — श्री बिहारी लाल
Verse 8 of 20
कोऊ कोरिक संग्रहौ, कोऊ लाख हजार।
मो सम्पति जदुपति सदा, बिपति-बिदारनहार॥
- श्रीमहाकवी बिहारी लाल, बिहारी सतसई
क्वो कोरिक संग्राहौ, क्वो लाख हजार। मो सम्पति जदुपति सदा, बिपति-बिदारनहार.. - श्री महाकवि बिहारी लाल, बिहारी सतासई