कोऊ मदमाते भांग के, कोउ अमल अफीम,
Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव
Verse 102 of 131
कोऊ मदमाते भांग के, कोउ अमल अफीम,
श्री बिहारीदास रसमाधुरी, मत्त मुदित तोफीम॥
- श्री बिहारिन देव - बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (297)
कुओ मदमते भंग के, कोउ अमल अफ़ीम, श्री बिहारीदास रसमाधुरी, मत्त मुदित तोफिम.. - श्री बिहारिन देव - बिहारिन देव जी की आवाज़, सिद्धांत के मित्र (297)