नामी नाम न भावई
Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव
Verse 104 of 131
कूँची नित्य बिहार की, श्री हरिदासी कै हाथ।
सेवत साधक सिद्ध सब, जांचत नावत मांथ॥
- श्री बिहारिन देव, बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (530)
बिहार की मुख्य नीति श्री हरिदासी के हाथ में है। सेवत साधक सिद्ध सब, जंचत नावत मंथ.. - श्री बिहारिन देव, बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धांत के मित्र (530)