श्रीबिहारिनदास को यह बिसन राधा नाम हृदय धरि वसि रहैं वृन्दावन ।

Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव

Verse 122 of 131

श्रीबिहारिनदास को यह बिसन राधा नाम हृदय धरि वसि रहैं वृन्दावन । - श्री बिहारिन देव - बिहारिन देव जी की वाणी श्री बिहारिन दास के लिए, यह वृन्दावन के हृदय की निवासी बिसन राधा का नाम है। - श्री बिहारिन देव - बिहारिन देव जी की वाणी श्री बिहारिन दास जी कहते हैं कि आत्मा अनेक प्रकार के नशे करती है जो उसे दुख/अशांति देते हैं, लेकिन राधा और वृन्दावन धाम के नाम का जो नशा उस पर सवार हो गया है वह दिन-ब-दिन जारी रहता है और अत्यंत रसपूर्ण होता है।
नामी नाम न भावईसाधन श्रम न कछु किये न कछु करने जोग