नामी नाम न भावई
Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव
Verse 60 of 131
श्री बिहारीदास मन सौं कहै, अब न लगाऊँ तोहि।
जस गाऊँ हरिदास कौ, तैं सुख दीनों मोहि॥
- श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (265)
श्रीबिहारीदास ने मन में कहा, अब मैं ऐसा नहीं करना चाहता। जस गौं हरिदास कौ, तैं सुख दीन मोहि.. - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धांत के मित्र (265)