नामी नाम न भावई

Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव

Verse 69 of 131

श्रीबिहारीदास ब्रज में बसत, मिले सपरसी स्याँम। परस न पावै प्रेम बिनु, अपरस दुखी सकाँम॥ - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (365) श्रीबिहारीदास ब्रजपुरुष बसत, मीले सपरसी संयम। पारस न पैवै प्रेम बिनु, अपरस दुखी सकानम्।।- श्री बिहारिन देव जी, सिद्धांत मित्र श्री बिहारिन देव जी की वाणी (365)
बहुत से लोग जीवन भर सपरस और अपरस, या बाहरी प्रथाओं और अनुष्ठानों की धानामी नाम न भावई