नामी नाम न भावई

Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव

Verse 70 of 131

सेवा करत निकट रहत, मन में दूरी दुरास। श्रीबिहारीदास क्यौं ऊपजै, भक्ति बिना विस्वास॥ - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (368) सेवा करते समय समीप रहो, मन से दूर रहो। श्री बिहारीदास क्यों उठें, भक्ति बिन.. - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी के वचन, सिद्धांत के मित्र (368)
नामी नाम न भावईनामी नाम न भावई