नामी नाम न भावई

Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव

Verse 72 of 131

बातें कहत बिहार की, गरें पर्यौ जंजाल। महल टहल तैं जाँनियै, कहा बजायैं गाल॥ -श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की बानी, सिद्धान्त की साखी (373) बिहार की बात करें तो यहां गड़बड़झाला है. महल तहल तै जन्णियै, काहा बाजैं गैल.. - श्री बिहारिन देव जी के शब्द, सिद्धांत के मित्र श्री बिहारिन देव जी (373)
नामी नाम न भावईनामी नाम न भावई