केकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौं
Braj Binod — श्री लाल बलबीर
Verse 10 of 77
श्री वृषभान कुमारी छबि, का पर बरनी जाए।
जाके पद नख कोर के, कोटि इन्दु सम नाँय॥
- श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, नख सिख दर्शन (3)
श्री वृषभान कुमारी छवि, का पार बरनि जय। जेके पद नख कोर के, कोटि इंदु सम नानी.. - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, नख सिख दर्शन (3)