केकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौं
Braj Binod — श्री लाल बलबीर
Verse 9 of 77
सारद नारद सेस, सुरपति पसुपति प्रजापति।
बंदत रहैं हमेस, श्रीवृषभानु कुमारि पद॥
- श्री लाल बलबीर जी, ब्रज बिनोद, श्रीराधा शतक (3)
सारद नारद सेस, सुरपति पशुपति प्रजापति। गुनगुनाते रहो श्री वृषभानु कुमारी पद.. - श्री लाल बलबीर जी, ब्रज बिनोद, श्री राधा शतक (3)