केकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौं

Braj Binod — श्री लाल बलबीर

Verse 15 of 77

श्रीवृन्दावन चन्द छवि, कापर बरनी जाय। काकी समता दीजिये, रही गिरा सिरनाय॥ - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, श्री वृंदावन शतक (7) श्री वृन्दावन चंद छवि, कपर बरनि जय। काकी मुझे समानता दे दो, रहेगी.. - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, श्री वृन्दावन शतक (7)
केकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौंकेकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौं