केकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौं

Braj Binod — श्री लाल बलबीर

Verse 26 of 77

श्री राधे नंदलाल की, चरण रेणु सिरधार। चित चाहे कारज सरैं, करैं सकल अघ छार॥ - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, महल वर्णन (14) श्री राधे नंदलाल के, चरण रेनु सिरधर। चित चाहे कारज सरैन, करैं सकल अघ छर.. - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, महल विवरण (14)
केकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौंकेकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौं