केकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौं
Braj Binod — श्री लाल बलबीर
Verse 28 of 77
जै जै श्री रासेश्वरी, बिनै सुनौ चित लाय।
क़छु छवि बरनन चहत हौं, कीजै आप सहाय॥
- श्री लाल बलबीर, ब्रज विनोद, शिख नख वर्णन (15)
जय जय श्री रासेश्वरी, निःसंकोच सुनो। विवरण
Braj Binod — श्री लाल बलबीर
Verse 28 of 77