केकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौं

Braj Binod — श्री लाल बलबीर

Verse 32 of 77

श्यामा जू की सहचरी, हाहा श्री ललितादि। चरन कमल वन्दन करौं, पूजौ मन अहलादि॥ - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, श्री वृंदावन शतक (19) श्यामा जू की सखी हाहा, श्री ललिता आदि चरण कमलों का वन्दन करो, आनंदपूर्वक वंदन करो... - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, श्री वृन्दावन शतक (19)
कीरति कें कन्या भईबैठी कुंज माँहि महारानी ब्रजराज जू की