केकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौं

Braj Binod — श्री लाल बलबीर

Verse 35 of 77

सिव विधि उद्धव से करैं, ये बलबीरहि आस। देहिं लाड़िली लाल कब, वृंदाविपिनहि बास॥ - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, वृंदावन अष्टक (24) उद्धव ये उपाय करें, यही बलबीर की आशा है. देहि लड़ै लाल कब, वृन्दाविपिन्हि बास.. - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, वृन्दावन अष्टक (24)
केकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौंकेकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौं