केकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौं
Braj Binod — श्री लाल बलबीर
Verse 73 of 77
मेरे तौ कुल पुज्ज तू, श्री वृषभान कुमारि।
जग दुख हरनी राधिके, आयौ तेरे द्वार॥
- श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद
मेरा पूरा परिवार आपकी पूजा करता है, श्री वृषभान कुमारी। संसार के दुखों का नाश करने वाली राधिका, मैं तेरे द्वार आया हूँ.. - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोदा