कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 10 of 229

अष्ट सिद्धि नव निद्धि कौ, दाता राधा नाम। भुक्ति मुक्ति सब देत है, राधा के बल श्याम॥ - ब्रज के दोहे अष्ट सिद्धि नव निधि कौ, दाता नाम राधा। भक्ति सब बचाती है, राधा के बाल काले.. - braj ke dohe
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की