कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 9 of 229

अरब खरब पाऊँ जनम, चिन्ता मोय न मीत। दिन दूनी निशि चौगुनी, जो बाढ़े पद प्रीति॥ - ब्रज के दोहे अरब बद पौन जनम, चिंता मोय एन मिट। दीन दुनि निशि चौगुनी, जो पद प्रीति भाओ... -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की