कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 107 of 229
कीच लगी ब्रज खिरक की, इन गलियन की धूर।
अंग लगी जानी जबै, भाजि गए यम दूर॥
- ब्रज के दोहे
कुछ-कुछ ब्रज खिरक जैसा, इन गलियों में। अंग लागी जानि जाबै, भजि गे यम दूर.. -ब्रज के दोहे
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 107 of 229