कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 119 of 229
महाराजा वृषभानु कौ, बरसानौं सुखसार।
अर्ब ख़र्ब वैकुंठ छवि, तापरि डारौं वार॥
- ब्रज के दोहे
महाराज वृषभानु कौ, बरसानौं सुखसार। अरब खरब वैकुण्ठ छवि, टपरी दारौं वर.. - दोहे ब्रज के
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 119 of 229