कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 13 of 229
बांकेबिहारी रूप कौ, दृग द्वारन ह्वै लाय।
हरैं हरैं हिय सौं जपै, नीके सुमन बिछाय॥
- ब्रज के दोहे
बांकेबिहारी का स्वरूप क्या है? हरैं हरैं हिय सौं छनपै, नइके सुमन बिछाय.. -ब्रज के दोहे
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 13 of 229