कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 134 of 229

मृगनैनी आमोदनी, महामोद की रास। गिरि बन पुलिन बिलासिनी, मोमन करहु निवास॥ - ब्रज के दोहे मृगनैनि आमोदनि, महामोद रस। गिरि बानी पुलिन बिलासिनी, मोमेन करहु बेसे... -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की