कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 147 of 229

पति के पाँय पलोटहीं, सिंधु-सुता गुणवंत। भानुसुता पद परस कौं, अवसर ताकत कंत॥ - ब्रज के दोहे पति-पत्नी सुखी, सिन्धु-सुता हितकारी। भानुसुता पद पारस कौन, अवसर तख्त कंत.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की