कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 152 of 229

प्रीति रीति जान्यौ चहै, तो चातक सों सीख। स्वाँति सलिल सोउ जलद पै, माँगे अनत न भीख॥ [1] यदि आप प्रेम विवाह करना चाहते हैं तो चातक का बेटा सिख है। स्वंति सलिल हुंड तेज पै, मत मांगो अनंत भिक्षा। [1]
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की