कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 165 of 229
राधा राधा रटत ही, मिट जाती सब बाधा।
कोटि जनम की आपदा, श्री राधा नाम से जाए॥
- ब्रज के दोहे
राधा राधा रटत हाय, सब जातियाँ नष्ट हो गयीं। लाखों जन्मों का कष्ट, लो श्री राधा का नाम.. - braj ke dohe