कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 166 of 229
राधा रूप समुद्र में, बह्यौ जात मनमीन।
मानसरोवर राधिका, मनहँस हमारो कीन॥
- ब्रज के दोहे
राधा का रूप समुद्र नर है, भयौ की जाति मनामिन है। मानसरोवर राधिका, मनहंसा हमारा प्यारा.. -ब्रज के दोहे