कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 169 of 229

राधा-राधा जो कहे बसै हजारों कोस। तिनके पातक त्यों कटैं ज्यों सूरज से ओस॥ - ब्रज के दोहे राधा-राधा कहने वाले हजारों मील दूर चले जाते हैं। तिनके फेंकना ऐसे है जैसे सूरज की ओस काट देना.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की