कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 170 of 229

राधे जू के भाल पै, वेंदी अति छबि देय। मानौं फूली केतकी, भँमर बास तहाँ लेय॥ - ब्रज के दोहे राधे जू की भाल पै वेंडी बहुत अच्छी छवि देती है. केतकी से मेरा मन भर गया है, वहां भनमार बस पकड़ लेना.. -ब्रज के दोहे
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की