कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 215 of 229
बेद भेद जानें नहीं, नेति नेति कहै बैन।
ता मोहन पै राधिका, रहै महावर दैन॥
- ब्रज के दोहे
बिस्तर पर भेदभाव करने की कोई जरूरत नहीं है, नेति-नेति पर कोई रोक नहीं है. ता मोहन पै राधिका, रहे महावर दैन.. -ब्रज के दोहे