कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 217 of 229

वृन्दाबन राजैं दुवौ, साजै सुख के साज। महरानी राधा उतै, महाराज ब्रजराज॥ - ब्रज के दोहे वृन्दावन राजैन दुवौ, भौतिक सुख के साधन। रानी राधा उतै, महाराज ब्रजराज.. - braj ke dohe
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की