कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 218 of 229

वृंदावन बानिक बन्यौ, भ्रमर करें गुंजार। दुलहिन रानी राधिका, दूलह नन्दकुमार॥ - ब्रज के दोहे वृन्दावन बनिक बन्यौ, भ्रमर कर गुंजर। दुल्हन रानी राधिका, दूल्हा नंदकुमार.. - braj ke dohe
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की