वृज रानी श्री राधिके, महिमा अमित अपार।
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 33 of 229
वृज रानी श्री राधिके, महिमा अमित अपार।
देति बुहारी रिद्धि सिधि, तो दासिन के द्वार॥
- ब्रज के दोहे
व्रज रानी श्री राधिके, महिमा अमित अपार। बुहारी रिद्धि सिद्धि देत, दासी द्वार... -ब्रज के दोहे