कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 36 of 229
ब्रजबासिन को प्राण धन, बरसानो निज धाम।
शोभा चमकत महल की, सुन्दर सुखद ललाम॥
- ब्रज के दोहे
ब्रजबासिन को जीवन धन, बरसानो उनका धाम। राजमहल की शोभा चमके, सुन्दर सुन्दर ललाम... - दोहे ब्रज से