कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 38 of 229
ब्रजवासी वल्लभ सदा, मेरे जीवन प्रान।
इन्है न नेक विसारिहौं, मोहिं नंदकी आन॥
- ब्रज के दोहे
ब्रजवासी वल्लभ सदा, मेरे प्राण प्राण। ये हैं अच्छे वाले, मोहिं नंदकि अन.. - दोहे ब्रज से
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 38 of 229