कीच लगी ब्रज खिरक की

Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे

Verse 39 of 229

चारि वेद कौ सार है, साम वेद कौ गीत। मिश्री राधा नाम है, यही नाम नवनीत॥ - ब्रज के दोहे जो चारिवेद का सार है, जो सामवेद का गीत है। मिश्री है राधा का नाम, ये है नवनीत नाम.. - braj ke dohe
कीच लगी ब्रज खिरक कीकीच लगी ब्रज खिरक की